में एक लाइब्रेरीयन  हु |  मेरा नाम भावेश प्रजापति हे  |   पहेले पढने और लिखने का शोख नहीं था | पर जबसे लाइब्रेरीयन  बना हु तबसे पढने और लिखना अच्छा लगने लगा | 


                वेसे में एक गुजरती हु | गुजरती ब्लॉगर हु पर गुजरती लोग कम पढ़ते हे हे और ये बस गुजरात में पढ़ी जाती हे इसलिए मेने बस हिंदी लिखना शुरू किया क्यूंकि मेरा लिखा पुरे भारत में पढ़ा जा शके | इसका मतलब में नाम कमाना नहीं चाहता हु एसा नहीं हे बस मेरे विचार  लोगो के पास फोचे और पढनेवाले लोग कुछ शिखे ईएसआई आशा रखता हु | 


                में लाइब्रेरियन के साथ साथ एक छोटा फोटोग्राफर भी हु | ब्बाहर जाना अछि अछि फोटो लेना मेरा शोख हे और थोडा कमी का साधन भी | आपको तो पता ही हे एक जॉब से घर नहीं चलता इसलिए जो भी छोटा मोटा काम मिले कर लेता हु | वेसे तो इस काम में फेचन होनी जरुरी हे पर मेरी कोई इतनी साडी पहेचन नहीं हे , बस सामने से कोई ओडर आये तो ख़ुशी ख़ुशी लेता लेता हु , फिर ओडर छोटा हो या बड़ा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता | में


            मेरे इतने सारे दोस्त भी नहीं हे | बस चार पांच ही हे | में अपनी लाइफ में खुश हु और क्या चाहिए इस सामान्य इन्सान को | 

        

               आशा करता हु आप मुझे सपोर्ट करेंगे | 


                धन्यवाद 


                भावेश एश  प्रजापति 


                मरी गोल्डन पेन